Text Practice Mode
BUDDHA ACADEMY TIKAMGARH (MP) || ☺ || ༺•|✤ आपकी सफलता हमारा ध्येय ✤|•༻
created Today, 11:17 by typing test
0
422 words
85 completed
0
Rating visible after 3 or more votes
saving score / loading statistics ...
00:00
भारत एक युवा प्रधान देश है, जहां की अधिकांश जनसंख्या युवाओं से बनी है। युवाओं की ऊर्जा, विचार और सकंल्प किसी भी राष्ट्र की प्रगति के शिखर तक पहुंचा सकते हैं। युवाओं के महत्व को समझते हुए भारत में प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान विचारक, दार्शनिक और समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को राष्ट्र की आत्मा माना था। उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देते हैं। उनका प्रसिद्ध कथन 'उठो, जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए' युवाओं में आत्मविश्वास, साहस और कर्मठता का संचार करता है। इसी कारण सरकार ने वर्ष 1984 में उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
राष्ट्रीय युवा दिवस का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके कर्तव्यों, अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों जैसे भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक सेवा गतिविधियां आयोजित की जाती है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा जाता है। युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवा शिक्षित, जागरूक और चरित्रवान हों तो देश का विकास निश्चित है। आज के युवा विज्ञान, तकनीक, खेल, शिक्षा और राजनीति जैसे अनेक क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हालांकि आज के युवाओं के सामने कई चुनौतियां भी हैं, जैसे बेरोजगारी, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों का पतन। ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं को सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने हमेशा आत्मविश्वास, अनुशासन और सेवा भावना पर बल दिया। उनका मानना था कि सच्चा युवा वही है जो समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें यह याद दिलाता है कि केवल अधिकारों की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। युवाओं को चाहिए कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं, सामाजिक बुराईयों से दूर रहें और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने में योगदान दें। अंतत: कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं के आत्ममंथन और प्रेरणा का दिन है। यह दिन हमें स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने और एक सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रीय युवा दिवस का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके कर्तव्यों, अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों जैसे भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक सेवा गतिविधियां आयोजित की जाती है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा जाता है। युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवा शिक्षित, जागरूक और चरित्रवान हों तो देश का विकास निश्चित है। आज के युवा विज्ञान, तकनीक, खेल, शिक्षा और राजनीति जैसे अनेक क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हालांकि आज के युवाओं के सामने कई चुनौतियां भी हैं, जैसे बेरोजगारी, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों का पतन। ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं को सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने हमेशा आत्मविश्वास, अनुशासन और सेवा भावना पर बल दिया। उनका मानना था कि सच्चा युवा वही है जो समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें यह याद दिलाता है कि केवल अधिकारों की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। युवाओं को चाहिए कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं, सामाजिक बुराईयों से दूर रहें और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने में योगदान दें। अंतत: कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं के आत्ममंथन और प्रेरणा का दिन है। यह दिन हमें स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने और एक सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देता है।
saving score / loading statistics ...