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साँई कम्‍प्‍यूटर टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565

created Yesterday, 05:25 by lucky shrivatri


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महिलाओं में शिक्षा का प्रसार और सशक्‍तीकरण के दावे उस वक्‍त मुंह चिंढ़ाते नजर आते है जब यह तथ्‍य सामने आता है कि भारतीय जेलों में महिलाओं की संख्‍या पुरूषों के मुकाबले दुगुनी तेजी से बढ़ रही है। इंस्‍टीट्यूट फॉर क्राइम एंड जस्टिम पॉलिसी रिसर्च की रिपोर्ट कायह खुलासा चिंताजनक है। इसमें कहा गया है कि भारतीय जेलों में महिलाओं की हिस्‍सेदारी कम होने के बावजूद जेलों में महिला कैदियों की संख्‍या दो दशक में 162 फीसदी बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार महिला कैदियों के मामले में दुनिया में भारत का स्‍थान छठा है। चिंता की बात यह भी है कि जेलों में महिलाओं के अनुकूल सुविधाएं नहीं है।  
बड़ा सवाल यही है कि महिलाओं का सशक्‍तीकरण जिस तरह बढ़ा है उसके मुकाबले महिलाएं अपराध से विमुख क्‍यों नहीं हो रही है? अपने हकों की लड़ाई में आगे रहने वाली महिलाओं की आखिर आपराधिक प्रवृत्ति क्‍यों होने लगी है। एक आशंका यह भी सामने आती है कि कहीं खुद के बचाव में पुरूष ही तो महिलाओं को अपराध की दुनिया में धकेलने नहीं लग गए हैं। कई मामलों में जांच के दौरान यह बात सामने आती रही है। खास तौर से मादक पदार्थ और अन्‍य वस्‍तुओं की तस्‍करी में महिलाओं को जोड़ने का दौर बढ़ने लगा है। अमरीका और चीन जैसे विशाल आबादी के देशों से तुलना करें तो हम यह संतोष जरूर कर सकते हैं कि हमारे यहां की जेलों में महिला बंदियों की संख्‍या अपेक्षाकृत काफी कम है। लेकिन महज चार फीसदी संख्‍या में महिला बंदी होने के बावजूद आपराधिक मामलों में इतनी भागीदारी का लगातार बढ़ना कई खतरों की और संकेत करता है। सबसे बड़ा खतरा तो बच्‍चों की परवरिश का है, जिसमें बाधा आती है। गौर करें तो इसकी जड़ें सामाजिक आर्थिक असमानताओं, पारिवारिक दबावों और लैगिंक पूर्वाग्रहों में है, जहां महिलाएंं अक्‍सर गरीबी, घरेलू हिंसा और मानसिक आघात की शिकार होकर अपराध की और मुड जाती है। घरेलू हिंसा से जुड़े मामले जैसे- दहेज हत्‍या,
 चोरी, धोखाधड़ी और कभी-कभी हत्‍या की वारदात तक इनमें शामिल है। यह बात सही है कि महिलाओं में आई जागरूकता उन्‍हें अधिकारों के लिए लड़ने को प्रेरित करती है, लेकिन जब बात आर्थिक असुरक्षा और पारिवारिक दबाव की होती है तो वे अपराध के रास्‍ते में आसानी से धकेल दी जाती है।    

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