eng
competition

Text Practice Mode

Vikas kumar

created Dec 15th 2025, 06:00 by amit12


0


Rating

61 words
4 completed
00:00
।।प्रथमेनार्जिता विद्या द्वितीयेनार्जितं धनं।
तृतीयेनार्जिता  कीर्ति चतुर्थे किं करिष्यति।।
अर्थ : जिसने प्रथम अर्थात ब्रह्मचर्य आश्रम में विद्या अर्जित नहीं की, द्वितीय अर्थात गृहस्थ आश्रम में धन अर्जित नहीं किया, तृतीय अर्थात वानप्रस्थ आश्रम में कीर्ति अर्जित नहीं की, वह चतुर्थ अर्थात संन्यास आश्रम में क्या करेगा
 ।।विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गृहेषु च।
रुग्णस्य चौषधं मित्रं धर्मो मित्रं मृतस्य च।।

saving score / loading statistics ...