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साँई टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565

created Jan 12th, 07:05 by rajni shrivatri


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मनुष्‍य को अदभुत मानव बुद्धि मिली है। इसके अतिरिक्‍त सभी मनुष्‍यों को दृढ़ संकल्‍प की शक्ति भी मिली है। यदि हम बुद्धि दृढ़ता के विकास की क्षमता और उसका उपयोग सकारात्‍मक ढंग से करते है, तो हम अपने अंतर्निहित मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा कर सकते है। हममें यह महान क्षमता है, यह सोच हमें आधारभूत शक्ति देती है। इससे हमें बिना आशा खोए किसी भी क‍ठिनाई से निपटने की क्षमता प्राप्‍त होती है। फिर चाहे हम किसी भी प्रकार की परिस्थिति का सामना क्‍यों कर रहे हो। य‍दि कोई स्थिति अथवा समस्‍या ऐसी है जिसका समाधान है, तो उसको लेकर चिंता की कोई आवश्‍यकता नहीं। दूसरे शब्‍दों में, कठिनाई को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। उचित कार्य उसके समाधान को ढूंढना है। तब स्‍पष्‍ट रूप से यह अधिक बुद्धिमानी है कि समस्‍या के विषय में चिंता करते हुए आप अपनी ऊर्जा समाधान पर केन्द्रित करें। वैकल्पिक रूप से यदि कोई हल, समाधान संभव नहीं है तो भी उसके विषय में चिंता करने से कोई लाभ नहीं, क्‍योंकि वैसे भी आप इस तरह उसका समाधान नहीं कर सकते।  

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