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शॉर्टहैण्‍ड & टायपिंग इंस्‍टीट्यूट मुरैना BY- Rajeev sosarwar( Mob No. 6265692563)

created Sep 19th, 14:18 by RajeevSosarwar


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सभापति महोदय, आज कल बेकारी की समस्‍या बड़ी गम्‍भीर है। आज हम देखते हैं कि किसी घर में तो कई आदमी रोजगार में लगे हैं लेकिन किसी आदमी के पास शिक्षित होने के बावजूद कोई काम नहीं है। बहुत से लोग काम करना चाहते हैं लेकिन वे खाली बैठे हुए हैं। गांवों में हमने खास तौर से देखा है कि यदि वहां पर लोगों को जमीन उपलब्‍ध करा दी जाए तो वे उसमें काम करने के लिए तैयार हैं। लेकिन जमीन उनको मिलती नहीं है और नौकरी उनके लिए है ही नहीं। गांवों मे ऐसे बहुत से लोग हैं जिनके पास तो जमीन  है और ही नौकरी। इस संबंध में कुछ निर्णय किया जाना आवश्‍यक है। शहरों में हालत यह है कि किसी घर में तो घर के सभी सदस्‍य नौकरी करते है परन्‍तु किसी घर में केाई भी नौकरी नहीं करता। इस बारे में भी आपको कुछ सोचना चाहिए। आज आदमी काम करना चाहता है लेकिन उसके पास काम करने का कोई साधन नहीं है। सरकार काम की कोई गारंटी नहीं देती है। ऐसा कोई काम नहीं है जिसे सब कर सकें। ऐसी स्थिति में क्‍या सरकार कह सकती है कि कोइ्र आदमी भूखा नहीं रह सकता। ऐसी गारंटी हमारी सरकार हमें अभी तक नहीं दे पाई है। यह बड़ा ही दुर्भाग्‍यपूर्ण है। अपने देश में एक तरफ तो कोई भूखा मर रहे हैं और दूसरी तरफ कुछ लोग बिना कुछ काम किए आराम की जीवन बिता रहे हैं। कुछ को बहुत इच्‍छा होने पर भी कोई काम नहीं मिल रहा है। चाहे कुछ भी करने के लिए तैयार हों। इस पर हमें गहराई से सोचना है कि इस समस्‍या को कैसेट सुलझाया जा सकता है।  

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